Yaatri और रियांश एक मज़ेदार खिलौने का मज़ा लेते हैं। इसके बाद, वे गाड़ी की नंबर प्लेट और शॉपिंग के लिए मॉल जाते हैं, जहाँ बच्चों के लिए नए कपड़े और खिलौने खरीदे जाते हैं।
गौरव गुप्ता अपने दामाद होने के अनुभवों को साझा करते हैं, जहां ससुराल में मिलने वाले अत्यधिक सम्मान और विशेष व्यवहार के मज़ेदार किस्से सुनाते हैं। यह कॉमेडी सेट दामाद की भूमिका और पारिवारिक गतिशीलता पर प्रकाश डालता है।