अक्ल बादाम खाने से नही ठोकर खाने से आती है इसलिये जिंदगी में फेल होने के बाद और सीखो और तब तक सीखो जब तक सफल न हो जाओ सफलता परिश्रम का नतीजा है बिना परिश्रम तो माँ भी दूध नही पिलाती ये जीवन कर्म की खेती है ।
हर काम को करने के लिए आपके अंदर एक पागलपन्न होना जरूरी है मेरी उम्र 51 साल है और मेरे अंदर ताकत नही पागलपन्न ही तो है तभी तो में 1301 दण्ड लगातार निकाल लेता हूं