“सत् स्वरूपी राम”
सुख सम्राट सतगुरु सुख-रामजी महाराज की अणभै वाणी पर आत्म-कल्याण हेतु । केवल्य ज्ञान-विज्ञान हेतु राज योग भक्ति बताई जाती है । इनके प्रचारक गृहस्थ संत श्री हज़ारीलाल जी गहलोत एवं इनकी धर्म पत्नी श्रीमती कमलादेवी गहलोत ,राम सागर कृषि फार्म जोधपुर-जयपुर बाई पास रोड जैतारण ज़िला-ब्यावर (राजस्थान) PIN :- 306302
जब तक रहेगी ज़िन्दगी फुरसत न होगी काम से ।
कुछ समय ⌛️ऐसा निकलो प्रेम करलो राम से ।।
चार ज़ूगा बिच ऐकी बारा औसर नर तन पावे ।
सतगुरु मिल्या बिना जीव सुना फिर चौरासी जावे ।।