प्यार ज़िन्दगी का एक खुबसूरत लम्हा है यह सब रिश्तों से अलबेला है जिसे मिल जाये वो तन्हाई में भी खुश हैं और जिसे न मिले वो भीड़ में भी अकेला है मिला जो वक्त तो दुनिया को जरुर देखूंगा अभी वो शख्स मेरे देखने को काफ़ी है हर खुशी से खुबसूरत मेरी शाम करु अपना प्यार मैं सिर्फ तेरे नाम करु मिल जाए अगर दोबारा ये ज़िन्दगी हर बार में ये ज़िन्दगी तेरे नाम करु दिलबर की दिल्लगी में दिल अपना खो चुके हैं कल तक तो खुद के थे आज आपके हो चुके हैं इस तरह भी होता है इश्क आजमाकर देख लो बिना मिले उम्र भर चलता सिलसिला निभा देख लो मेरी ज़िन्दगी की डोर दो हो ख्वाहिशों पर टिकी है सांस चले तो तुम पास हो काश मेरी यादों में तुम इस कदर उलझ जाओ इधर हम याद करें उधर तुम समझ जाओ मुझे इतना याद आकर बेचैन न करो तुम एक ही सितम काफी है की साथ नहीं हो तुम ?
YouTube channel #Deepu_Kumar_Remix