(1)हमारा
प्रथम कर्तव्य
आध्यात्मिक ऊर्जा को तपबल एवं साधना के माध्यम से बढ़ाना
दूसरा कर्तव्य
संगठन की विचारधारा के माध्यम से समाज को नशा मुक्त मांसाहार मुक्त एवं चरित्रवान बनाकर सामाजिक परिवर्तन लाना और
तृतीय कर्तव्य
जाति धर्म संप्रदाय एवं परिवारवाद से ऊपर उठकर समाज के सभी वर्गों को जागृत करना राजनीति के क्षेत्र में समाज सेवकों को तैयार करना तथा अनीति अन्याय अधर्म को मिटाकर भय भूख भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करना परिवर्तन का चक्र चल चुका है और हमें क्या धर्मयुद्ध अवश्य जितना हैं।
(2)समाज के बीच जाकर दलित वंचित शोषित व पीड़ितो को जागरूता अभियानो के तहत डोर टू डोर संपर्क के माध्यम से मुख्य धारा से जोड़ने का सतत प्रयास।