Pahadi Music Presents
हमारा यह पेज उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है
उत्तराखंड की लोक-संस्कृति अत्यंत समृद्ध, विविध एवं जीवन्त है। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, प्राकृतिक संपदा और ऐतिहासिक परंपराओं के कारण विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान रखता है। इसकी लोक-संस्कृति में लोकगीत, लोकनृत्य, वाद्ययंत्र, परिधान, लोककथाएँ, रीति-रिवाज़, मेलों और त्यौहारों का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
१. लोकगीत एवं लोकनृत्य
उत्तराखंड के लोकगीत सरल, हृदयस्पर्शी और भावनाओं से परिपूर्ण होते हैं। झोड़ा, चांचरी, चौफ़ाला और मंगल जैसे गीत प्रमुख हैं।
झोड़ा और चांचरी नृत्य सामूहिक उत्सवों का मुख्य आकर्षण होते हैं, जिनमें पुरुष और महिलाएँ हाथ पकड़कर गोल घेरे में नृत्य करते हैं।
२. वाद्ययंत्र
उत्तराखंड के लोकवाद्य जैसे दमाऊँ, ढोल, हुड़का, रणसिंगा और भौंकु लोकनृत्यों और धार्मिक आयोजनों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। विशेषकर हुड़का कुमाऊँ क्षेत्र में गाथा-गायन हेतु प्रयुक्त होता है।
Pahadi Music Presents
8279736864
Producer - Vinod Kunwar